जासु बिलोकि अलौकिक सोभा ..............
आज पुष्पवाटिका में जब से जानकी जी को देखा है, मेरे राम जैसे कुछ और ही हो गए हैं। जाने कब का सोया परम प्रेम जाग उठा। मेरे राम का जानकी जी से एक ही संबंध है - परम प्रेम का संबंध। परम प्रेम भक्ति का ही नाम है न! अपनी आह्लादिनी शक्ति का साक्षात्कार होते ही...
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ऋषभ Rishabha
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[08 May 2010 17:43 PM]



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