जब्बार ढाकवाला को याद करते हुए एक ग़ज़ल ..
मेरे बेहद आत्मीय मित्र-लेखक जब्बार ढाकवाला और उनकी पत्नी ''तरन्नुम'' का चंबा के पास एक हादसे में कल ७ मई को निधन हो गया. उस भयानक हादसे की कल्पना कीजिये, कि उनकी कार पांच सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी. पल भर में जीवन का खेल ख़त्म....ढाकवाला जी के पर्स से...
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girish pankaj
सवक्तव्य-ग़ज़ल
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[08 May 2010 14:51 PM]



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