पियो सिगरेट ...(कविता )..
पुराणों ने कहा था .सामाजिक कल्याण के लिए ..असुरो के विनाश के लिए..महिर्षि दधीचि अपने प्राण तज दिये ..कलयुगी दधीचि उनसे ..दो हाथ आगे निकल गए ..समाज के विनाश के लिए ..आसुरी भावो के विकास के लिए ..संजीवनी छोड़ सिगरेट पी रहे ..सवास्थ्य खुद का व् सामाज का...
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neeshoo
कविता
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[08 May 2010 13:44 PM]



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