ईश्वर की अदभुत कृति 'माँ' पर रचित एक रचना - माँ की चाह : ह्रदय छू लेने वाली एक मर्मस्पर्शी कविता - हर माँ को समर्पित
यह कविता अभी कुछ दिनों पहले पोस्ट की थी परन्तु 'मदर्स डे' पर इसे एक बार फिर पेश कर रहा हूँ ...उम्मीद है आपको पसंद आएगीआज फिर वही स्वप्न आया , खुद को कुछ सुनता हुआ पाया ,माँ ने बहुत कुछ कहना चाहा , पर मैं पत्थर बन खड़ा रहा ,नींद खुली तो कुछ समझ आया ,माँ को...
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राजेन्द्र मीणा
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[08 May 2010 13:19 PM]



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