तब, माँ, तेरी याद आती है

जज़्बात, ज़िन्दगी और मै वैसे तो माँ को याद करने के लिए कोई खास दिन की ज़रूरत नहीं होती है । माँ हर पल दिल में होती है । फिर भी आज जब घर से बहुत दूर हूँ, माँ को देखे बहुत दिन हो गया, तब, बहुत जी करता है की बस सब कुछ छोड कर  माँ के पास जाऊं और उनके गोद में सर रखकर सो जाऊं ।... [पूरी पोस्ट]
writer Indranil Bhattacharjee ........."सैल"

kavita

views
24
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
16
[08 May 2010 12:51 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix