हाँ , मैंने खुशबू को क़ैद कर लिया

zindagi हाँ , मैंने खुशबू को क़ैद कर लिया तेरी सोमरस छलकाती बातों को मीठी -मीठी मुस्कानों कोहिरनी से चंचलनैनों की चितवन को बिजली से मचलते पैरों की थिरकन कोतेरे मिश्री घुले मधुर अल्फाजों को  मधुर- मधुरगुंजार करते गीतों... [पूरी पोस्ट]
writer वन्दना
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[08 May 2010 09:30 AM]

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