माटी माथा के चंदन

गुरतुर गोठ मोर गांव के करंव बंदन,माटी माथा के चंदन।सपना सुग्घर दूनो नयनन,आड़ी-पूंजी जिनगी धन॥हरियर-हरियर खेती-खारलीपे-पोते घर-दुवार॥गंगा कस नरवा के पानी,अन धन ले भरे कोठार॥सेवा के सोंहारी बेलय,पिरित के धरे पईरथन।करमा, ददरिया, पंडवानीगली खोर म गीता बानी।घर-घर तुलसी... [पूरी पोस्ट]
writer संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari

डॉ. पीसीलाल यादव

views
7
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[08 May 2010 06:05 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix