आखिर क्यों जातियां टूट नहीं पातीं?
जातियां अब भी टूटी नहीं हैं। बनी हुई हैं। हर धर्म में। हर समाज में। और हर व्यक्ति के भीतर। जातियों को तोड़ने के अब तक जो भी प्रयास किए गए वे नाकाफी ही साबित हुए। आए दिन कोई न कोई ऐसी खबर हमारे बीच से होकर गुजर ही जाती है कि कहीं कोई जातिय-दंभ का शिकार...
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अंशुमाली रस्तोगी
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[08 May 2010 02:15 AM]



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