शास्त्रीय व्यक्तित्व और उनके बहुरूप
देवों द्वारा भारत भूमि के विकास की उत्कंठा और यवन-यहूदी-द्रविड़-असुर, आदि के समूह, जिसे हम 'यवन' समूह कहते हैं, द्वारा व्यवधान डालकर भारत पर शासन करने की महत्वाकांक्षा के संघर्ष में देव जनसँख्या का बहुत ह्रास किया गया था. कंस, कीचक, जरासंध, आदि अनेक देव...
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देवसूफी राम कु० बंसल
विष्णु
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[07 May 2010 18:38 PM]



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