विद्रोही गुलजार : ठोक दे किल्ली (रावण)
गुलजार साब ज्यादातर शांत, धीर गम्भीर और कभी कभी विनोदी मूड में भी पाये जाते हैं। उनके लिखे ज्यादातर गीतों से उनके रोमांस की समझ का पता चलता है। उनकी कल्पना तो कहीं से कहीं पहुँच ही जाती है और कई बार तो सुनने और पढ़ने वाले को उनकी लिखी पंक्तियों का अर्थ...
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Rakesh
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[01 May 2010 02:29 AM]



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