Khamoshi (1969): तुम्हारा इंतजार है तुम पुकार लो

Cine Manthan जरुरी नहीं कि एक सलीके से फैला हुआ निबंध वह असर छोड़ जाये जो एक कविता, जो कि पूरी तरह से अतार्किक लगती है, छोड़ जाती है। यूँ ही नहीं कहा जाता कि भावना दिल का मामला है दिमाग का नहीं। क्वालिटी के मामले में खामोशी विषमता से ग्रसित है पर फिर भी यह एक... [पूरी पोस्ट]
writer Rakesh
views
25
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
5
[07 May 2010 17:39 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix