विपश्यना - प्राकृत स्वास्थ का प्राचीन उपाय

स्वस्तिक शुभम विपश्यना अर्थात अपने अन्दर झांकना प्रसिद्ध देव ऋषि गौतम द्वारा प्रतिपादित एक साधना है जिसमें शारीरिक स्वास्थ के लिए शरीर में ही उपस्थित सर्वोत्कृष्ट साधन 'मस्तिष्क' का उपयोग किया जाता है. इसकी पृष्ठभूमि में यह दर्शन है कि शरीर में स्वयं को स्वस्थ रखने की... [पूरी पोस्ट]
writer देवसूफी राम कु० बंसल
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[07 May 2010 15:49 PM]

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