गीत: देश पे जान लुटाएंगे...... ---आचार्य संजीव 'सलिल'
जियें देश के लिए हमेशा, देश पे जान लुटाएंगे......*गुरु अफजल हों या कसाब हो,अपराधी हत्यारे हैं.द्रोही हैं ये राष्ट्र-धर्म के, ज़हर बुझे दोधारे हैं..पालेंगे हम अगर इन्हें तो, निश्चय ही पछतायेंगे-बोझ धरा का दें उतार, धरती पर स्वर्ग बसायेंगे.पाक बना नापाक...
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आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
samyik hindi kavita
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[07 May 2010 15:34 PM]



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