विभाजन की त्रासदी

दिल से एक मुल्क के सीने पर जब तलवार चल रही थी तब आसमाँ रो रहा था और ज़मी चीख रही थी, चीर कर सीने को खून की एक लकीर उभर आई थी उसे ही कुछ लोगों ने सरहद मान लिया था, उस लकीर के एक तरफ जिस्म और दूसरी तरफ रूह थी, पर कुछ इंसान जिन्होंने जिस्म से रूह को जुदा किया... [पूरी पोस्ट]
writer nilesh mathur
views
11
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
15
[07 May 2010 08:38 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix