प्रार्थना

दायरे हम है बालक नादाँदिल में हमारे वफ़ा हो सच को देखे , सच को समझे सच को ईश माने सुंदर धरा विस्तृत गगन ऐसा हो हमारा मन कोयल की कू कूमोर की पिहू हम सदा गुनगुनायेइस धरा को आओ मिलकर हम स्वर्ग बनाये उड़ते पक्षी बहता पानी सुंदरता की कहता कहानी आओ खो जाये ........... [पूरी पोस्ट]
writer USHA GAUR
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[07 May 2010 04:22 AM]

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