फिर से अधूरा इंटरव्यू

शिवकुमार मिश्र  और ज्ञानदत्त पाण्डेय  का ब्लॉग कल दोपहर करीब एक बजे नरोत्तम जी का फ़ोन मिला. क्या कहा? कौन नारोत्तम जी? अरे अपने नारोत्तन कालसखा जी, अरे वही मानवाधिकार वाले. हमेशा की तरह हलकाए से लग रहे थे. आवाज़ सुनकर लगा जैसे कोई आदमी मैराथन दौड़ते हुए हांफ रहा हो और बात भी करना चाहता हो. मैंने... [पूरी पोस्ट]
writer Shiv
views
46
upvote
7
downvote
0
rating
7
comments
14
[07 May 2010 03:18 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix