दोस्त, उस पार भी कोई हसीन सूरज नहीं खिला हुआ है...

हथकढ़ मुझे विस्की प्रिय है और रम मेरी आखिरी पसंद. इनके बीच हर उस तरह की शराब समा सकती है, जो पीने लायक है भी और नहीं भी. मैंने पहली धार की देसी शराब पी और लुढ़क गया. मैंने रात भर सड़क के किनारे बैठ कर आला अंग्रेजी शराब पी और सुबह उससे निराश हो कर सो गया. मैंने... [पूरी पोस्ट]
writer hathkadh
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[19 Mar 2010 01:05 AM]

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