साहस उतना ही दिखाना चाहिए जितना हममे है ....विचारों का बवंडर
निरुपमा की मौत ने इंसानियत और नारी विकास के दिखावटी सत्य को धराशायी कर दिया है ...नर और नारी सभी दुखी है ...होना भी चाहिए ...जाने कितना क्या कुछ लोग लिखते जा रहे हैं ...मगर मैं रुक कर ठहर कर देखना चाहती हूँ ...निरुपमा के दुःख से दुखी होकर अतिउत्साह में...
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वाणी गीत
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[06 May 2010 21:22 PM]



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