आईना से बहाना क्यूँ है

मनोरमा खुशी से दूर सभी फिर ये ठिकाना क्यूँ है?अमन जो लूटते उसका ही जमाना क्यूँ है?सभी को रास्ता जो सच का दिखाते रहतेरू-ब-रू हो ना आईना से बहाना क्यूँ है?धुल गए मैल सभी दिल के अश्क बहते हीहजारों लोगों को नित गंगा नहाना क्यूँ है?इस कदर खोये हैं अपने में कौन सुनता... [पूरी पोस्ट]
writer श्यामल सुमन

कविता

views
29
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
18
[06 May 2010 12:08 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix