तेवरी : बाँहों में साँप रहे पाल ----'सलिल'.
तेवरीबाँहों में साँप रहे पालसंजीव वर्मा 'सलिल'*बाँहों में साँप रहे पाल.और कहें मौत रहे टाल.. नक्सल-आतंक सहें मौन.सत्ता पर कुरबां कर लाल..नीतियाँ-सिद्धांत बन गएदोरंगे नेता की ढाल..दुश्मन हैं अपने हम खुदकैसे फिर सुधरेंगे हाल?नेता-सुत पुलिस में न...
[पूरी पोस्ट]
दिव्य नर्मदा divya narmada
samyik hindi kavita
12
0
0
0
2
[06 May 2010 08:47 AM]



Shuffle








