भद्र समाज इन्हें बुरी औरत एवं कुल्टा के रूप में देखता है----------(मिथिलेश दुबे)
समाज में वेश्या की मौजूदगी एक ऐसा चिरन्तन सवाल है जिससे हर समाज, हर युग में अपने-अपने ढंग से जूझता रहा है। वेश्या को कभी लोगों ने सभ्यता की जरूरत बताया, कभी कलंक बताया, कभी परिवार की किलेबंदी का बाई-प्रोडक्ट कहा और सभी सभ्य-सफेदपोश दुनिया का गटर जो...
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Mithilesh dubey
महिला वेश्याएँ दुबे लेख
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[06 May 2010 08:35 AM]



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