आवारगी के मजे

bat-bebat आवारगी किसे नहीं लुभाती. आवारा के मायने वो नहीं है जो अमूमन लोग लगाते हैं. आजकल किसी को आवारा कह दीजिये, वो लड़ने को आमादा हो जायेगा. इसका प्रयोग अब गाली की तरह होने लगा है. मेरे एक कवि मित्र हैं. जाने-माने कवि हैं.आगरे के हैं. रामेन्द्र... [पूरी पोस्ट]
writer डा.सुभाष राय
views
13
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
3
[06 May 2010 08:43 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix