सजा सुना तो दी, हश्र अफजल गुरु जैसा न हो

सरफरोश मुंबई में आतंकवादी हमलों के दोषी और मामले की सरकारी वकील उज्ज्वल निकम की ओर से ‘मौत की मशीन’ करार दिये गये अजमल आमिर कसाब को मौत की सजा सुनाया जाना भी कमतर प्रतीत होता है। दरअसल यह सजा हर उस शख्स को दी जानी चाहिए जोकि इस हमले की साजिश में शामिल था, यह... [पूरी पोस्ट]
writer नीरज कुमार दुबे
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[06 May 2010 04:32 AM]

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