गरमी के गीत

बाल-संसार गिरीश पंकज(१)गरमी जी ओ गरमी जी,क्यों इतनी बेशरमी जी।पी लो थोड़ा ठंडा पानी,ले आओ कुछ नरमी जी।गरमी जी ओ गरमी जी...(२)गरमी आयी, गरमी आयीगोलू जी को मस्ती छाई।छुट्टी है अब धमाचौकड़ी,मम्मी जी की आफत आयी।गरमी आयी,.गरमी आयी...(३)सूरज दादा गुस्से में है.अभी न घर... [पूरी पोस्ट]
writer किरण गुप्ता
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[06 May 2010 02:50 AM]

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