पुरूष की मुट्ठी में बंद है नारी-मुक्ति की उक्ति-1

samwaadghar प्रशंसा सुनकर गद-गद होना या झूठी तारीफ सुनकर दूसरों का काम तुरत-फुरत कर देना-एक ऐसी कमजोरी है, जो ज्यादातर लोगों में पाई जाती है । मगर जिस वर्ग को इस विधि से सर्वाधिक छला गया है, वो है-स्त्री वर्ग । सुंदर और मोटे-मोटे शब्दों का जाल बिछाकर स्त्री को... [पूरी पोस्ट]
writer संजय ग्रोवर Sanjay Grover

समाज की मसाज

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[06 May 2010 02:26 AM]

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