एक मछली ने मेरी जान बचाई!
मुल्ला नसरूद्दीन कहीं जा रहा था। रास्ते में एक योगी के द्वार पर रुका, विश्राम करने के लिये। योगी अपने शिष्यों को समझा रहा था जीव-दया के बारे में। बता रहा था कि समस्त जीवन जुडा हुआ है, सब जीव ईश्वर की रचना है और दया ही धर्म है। जब योगी बोल चुका तो...
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अन्तर सोहिल
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[06 May 2010 02:01 AM]



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