सेना की नौकरी करते हुए भी ग़ज़ल की नाजुक विधा को साधते हैं मेजर संजय चतुर्वेदी (पीपुलस समाचार पत्र से साभार)
दिनाँक आठ मई को शिवना प्रकाशन तथा उर्दू अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय कुइया गार्डन में होने वाले अखिल भारतीय मुशायरे में जिन पुस्तकों का विमोचन होना है उनमें एक पुस्तक भारतीय सेना में मेजर के रूप में पदस्थ ग़ज़लकार संजय चतुर्वेदी की है । पहली...
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पंकज सुबीर
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[05 May 2010 21:59 PM]



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