खट्टी चटनी जैसी माँ।-निदा फाज़ली
आगामी नौ मई को माँ दिवस है, इस विशेष अवसर पर युवा सोच युवा खयालात लेकर आया है निदा फाज़ली की एक नज्म। और कल पढ़े सुधीर आजाद की माँ पर लिखी एक अद्भुत नज्म। बेसन की सौंधी रोटी पर, खट्टी चटनी जैसी माँ।याद आती है चौका बासन,चिमटा फूँकनी जैसी माँ।बाँस की खुर्री...
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Kulwant Happy
अतिथि कोना
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[05 May 2010 20:45 PM]



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