जो था, है

वैतागवाड़ी जो था, वह था ही नहीं रहता, है भी हो जाता है... जो नहीं था, वह भी है हो जाने को अकुलाता हैनया क्‍या है?जो नया है, वह यहां है.कहां मिलेगी?झलक यहां है, यहां मिलेगी.और यहां भी. ... [पूरी पोस्ट]
writer Geet Chaturvedi

असंबद्ध

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[05 May 2010 18:06 PM]

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