सन्नी ओ सन्नी........अरे कलुआ फिर चादर गन्दी कर गया!!!

युग क्रांति पीछे साल हमारे घर के आसपास घूमने वाली एक बिल्ली ने एक शावक को जन्म दिया. एक दम काला. काला रंग तो उसके बदन को इतना सुन्दर बना देता था कि अगर कोई हसीना भी सामने अपने काले घने बालो की चादर फैला दे तो भी कवि उस शावक की सुन्दरता का बखान करती कविता लिखेगा.... [पूरी पोस्ट]
writer यशवन्त मेहता "फ़कीरा"
views
51
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
9
[05 May 2010 12:24 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix