'माफ़ मैंने कर दिया'

इतना गुमसुम हो गया था,जैसे के बेहोश हूँ,खामोशियाँ भी पूछती थीं, इतना क्यों खामोश हूँ,कर रहा था साफ़ बस, मन की सारी मैल को,मशगूल भूलने में था,हर इक पुराने बैर को नाग ढेरों बरसों से, दिल में थे पाले हुए,रंज के बेताल कितने, ख़ुद पे थे डाले हुए,भूत ये करते थे... [पूरी पोस्ट]
writer Yogesh Sharma
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[05 May 2010 09:46 AM]

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