एक बेकार की बहस्
एक बेकार की बहसउद्यमेन हि सिद्धंते, न हि कार्याणि मनोरथैः [स्पेलिंग मिस्टेक हो तो संस्कृत के विद्वान क्षमा करें]वीरेन्द्र जैन्प्रत्येक मित्र मण्डली में कुछ मित्र ऐसे होते हैं जिन्हें विवादी या बहसी कह कर पुकारा जाता है। सच तो यह है कि ये लोग ही वैचारिक...
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वीरेन्द्र जैन
बहस
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[05 May 2010 09:32 AM]



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