कान्हा की बाल-लीलाएं-2

नन्हा मन http://www.shubhamsachdeva.blogspot.com/जेल में देवकी और वासुदेव जपते रहते हरि सदैव एक- एक हुए सुत सातसौंप दिए सब कंस के हाथ वासुदेव नें वचन निभाया कंस नें उनको मार मुकाया अब थी आठवें सुत की बारी कर ली कंस नें खूब तैयारी किसी तरह बाहर न जाए जन्मते ही... [पूरी पोस्ट]
writer सीमा सचदेव

कान्हा की बाल-लीलाएं-2

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[05 May 2010 08:13 AM]

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