क्या हम ब्लोगर रद्दी कि टोकरी भर बनकर रह जायेंगे -----?
एक समय था कि विश्व कि महाशक्तियां अमेरिका ,चीन,रूस ,फ़्रांस और ब्रिटेन विश्व के किसी अन्य देशों द्वारा बनाये गए किसी भी संगठन को और उससे उठे किसी भी सार्थक आवाज को रद्दी कि पोटली से उठे आवाज कि तरह कोई तवज्जो नहीं देती थी /आज परिस्थितियाँ ऐसी बदली है कि...
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[05 May 2010 01:28 AM]



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