मेरे कोरे दिल की कल्पना हो तुम

मीडिया व्यूह मेरे कोरे दिल की कल्पना हो तुम,कविता में पिरेशब्दों की व्यजंना हो तुम,मर्म-स्पर्शी नव साहित्य कीसृजना हो तुम,नव प्रभा की पथ प्रदर्शकलालिमा हो तुम,मेरे कोरे दिल की कल्पना हो तुम,स्वप्न दर्शी सुप्त आखों मेंबसी तलाश हो तुम,सावन की कजरी में घुलीमिठास हो... [पूरी पोस्ट]
writer neeshoo

.कविता

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[04 May 2010 13:31 PM]

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