'चाँद' से दो चिट्ठियाँ

तुम किसकी माँ हो मेरी मातृभूमि 'चाँद' से दो चिट्ठियाँ 'चाँद' हिंदी की एक चर्चित पत्रिका थी, साहित्यिक, सामाजिक और समकालीन राजनितिक विषय इसमें स्थान पाते थे, इसकी दृष्टि संकोचरहित थी. सुधारात्मक उत्साह के साथ यह देशोत्थान का लक्ष्य रखती थी. इसके 'मारवाड़ी' और 'फांसी' अंकों का ऐतिहासिक... [पूरी पोस्ट]
writer आशुतोष पार्थेश्वर
views
11
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[04 May 2010 09:38 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix