बसंत 'नाचीज' के छत्तीसगढी गजल
बिना, गत बानी के घर, नाना नानी केडोकरी, डोकराबिन, दवई पानी केआय डोली, काकरढेला रानी केलगत कइसन होहोरा छानी केऊंचा है दामकाहे कानी केबतावथस अइसनदेबे लानी केदिखथे करेजा कसतरबुज चानी केबके आंय बांयबेइमानी करकेकर दान, पुन ऊनानि कभू दानी केमरगे खा...
[पूरी पोस्ट]
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
बसंत 'नाचीज'
14
1
0
1
0
[04 May 2010 07:13 AM]



Shuffle








