विज्ञान कथा का जिन्न

हिन्दी कल्कियान असत्यम् प्रियम् वेलकम, पर खबरदार ! न बूरयात सत्यम् अप्रियम! बादशाह अकबर की पांचवी पीढ़ी के बादशाह की सल्तनत में सब कुछ मजे से चल रहा था। काम करने वाले, ठलुये, चापलूस, चोर, घूसखोर, बनिये-वक्काल सब मजे में थे। बीरबल की पांचवीं पीढी के वशंज शाम को तर माल... [पूरी पोस्ट]
writer कल्किआन संवादाता
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[04 May 2010 03:49 AM]

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