कसाब, हम और हमारा क़ानून- कुछ सवाल !
कल मैंने कसाब पर एक छोटा सा लेख लिखा था ! और उसमे जो लिखा था वह उस एक आम भारतीय के नजरिये से था, जो यह मानता है कि इस दरिन्दे ने अनेक निर्दोष मासूमों की जिन्दगी छीन ली ! मगर एक दूसरा पहलू भी है, जिसे मैं आज एक समीक्षक के नजरिये से प्रस्तुत करना चाहता हूँ...
[पूरी पोस्ट]
पी.सी.गोदियाल
tirchinazar
74
8
0
8
15
[04 May 2010 01:10 AM]



Shuffle








