इश्क़ वो आग है, जो महबूब के सिवा सब कुछ जला डालती है...फ़िरदौस ख़ान
अल इश्क़ो नारून, युहर्री को मा सवीयिल महबूब...यानी इश्क़ वो आग है, जो महबूब के सिवा सब कुछ जला डालती है...इश्क़ वो आग है, जिससे दोज़ख भी पनाह मांगती है... कहते हैं, इश्क़ की एक चिंगारी से ही दोज़ख की आग दहकायी गई है... जिसके सीने में पहले ही इश्क़ की आग...
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फ़िरदौस ख़ान
इश्क
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[03 May 2010 23:32 PM]



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