ग़ज़ल

सप्तरंगी प्रेम 'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती जय कृष्ण राय 'तुषार' की ग़ज़ल. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... सुहाना हो भले मौसम मगर अच्छा नहीं लगतासफर में तुम नहीं हो तो सफर अच्छा नहीं लगताफिजा में रंग होली के हों या मंजर दीवाली के... [पूरी पोस्ट]
writer अभिलाषा

जीवन-वृत्त

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[03 May 2010 22:30 PM]

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