बच्चन – कविता – जो बीत गई सो बात गई
जो बीत गई सो बात गई जीवन में एक सितारा था माना वह बेहद प्यारा था वह डूब गया तो डूब गया अम्बर के आनन को देखो कितने इसके तारे टूटे कितने इसके प्यारे छूटे जो छूट गए फिर कहाँ मिले पर बोलो टूटे तारों पर कब अम्बर शोक मनाता है जो बीत गई सो [...]...
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Nishant
गीत-ग़ज़ल-कविता
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[03 May 2010 21:00 PM]



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