भारत की आदि भाषा और लिपियाँ
प्रत्येक मानव समुदाय की आदि भाषा ध्वन्यात्मक होती रही है जिसमें शब्दों के सुनिश्चित स्वरुप नहीं होते थे. ध्वनि के स्रोत जिह्वा को शास्त्रों में 'लिंग' कहा गया है, जिसे स्वर के भाव में भी लिया गया है. अंग्रेज़ी का आधुनिक शब्द lenguage भी इसी...
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देवसूफी राम कु० बंसल
खरोष्टि
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[03 May 2010 20:32 PM]



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