पहला ख़त..
पहला ख़त है, बहुत सोचा कि कहाँ से शुरू करूं... सोचते हुए बहुत सी बातें और बहुत से मित्र याद आए, ओम द्विवेदी मेरे पुराने मित्र हैं, पहले से ब्लाग की दुनिया में टहल-घूम कर रहे हैं, अपनी बक-झक तो मैं आगे करुंगा ही. सोचा कि आज शुरुआत क्यों न एक ब्राह्मण से...
[पूरी पोस्ट]
विवेक श्री
जो पढ़ा
14
1
0
1
0
[03 May 2010 15:05 PM]



Shuffle








