"सपनों की दुनिया"

दूर कहीं, जहाँ ज़मीं,आस्मां से मिलती है,जिस जगहखुशियाँ सभी ,क्यारियों में खिलती है,कदम कदम पे इन्द्रधनुष,जहाँ रौशनी लुटाते हैं, हर तरफ बस, मुस्कुराते,चेहरे ही नज़र आते हैं,काश, एक ही दिन को,मैं भी वहां जा पाता,उस रौशनी की बारिश में,मैं भी गर नहा पाता, जो,... [पूरी पोस्ट]
writer Yogesh Sharma
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[03 May 2010 10:22 AM]

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