वो कहते है अश्क पीना मुमकिन नहीं
वो कहते है अश्क पीना मुमकिन नहीं दुनिया में ,हम तो कम्बखत जिन्दा है उसी से ।वो कहते है की हमें भुला दिया गया बुरे वक़्त की तरह ,हमें तो याद कुछ नहीं सिवा उनके ।वो कहते है की हम बदनाम हो चुके हर गली में ,हम तो कब से तरसते थे इस नाम को।वो कहते है की हमारी...
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राजेन्द्र मीणा 'नटखट'
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[03 May 2010 06:37 AM]



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