नेह भरा काजल

स्वार्थ बचपन, कभी लगता है कि बस अभी ही तो बीता था, और आज भी इतना पास है कि हाथ बढ़ाया और छू लिया, और कभी लगता है कि किसी और ही जन्म में बचपन भी जीवन में आया था। पर जब जब बचपन इसी जन्म की बात लगता है, तब यह आकर बिल्कुल पास में [...]... [पूरी पोस्ट]
writer swaarth

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[03 May 2010 03:35 AM]

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