शरद बिल्लौरे की तीन और कविताएं
मजदूर दिवस बीते अभी दो दिन ही हुए हैं। आज भाई शरद बिल्लौरे की पुण्य तिथि है। मजदूर दिवस को याद करते हुए उनकी बैल कविता पढ़ना नए अर्थ देता है। जब तुम शहर में नहीं हो कविता कवि की एक अलग ही दुनिया के बारे में बताती है। और तीसरी कविता तुम मुझे उगने तो दो...
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राजेश उत्साही
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[03 May 2010 02:29 AM]



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