कश्मीरी नौजवानों के हाथों यह पत्थर किसने पकडाया है ?
घर से ऑफिस निकले शफीक अहमद शेख को नहीं पता था कि अगले चौक पर कुछ पत्थर वाले उनका इंतजार कर रहे है .जैसे ही उनकी मिनी बस मगरमाल बाग पहुची एक पत्थर सीधे बस की ओर उछाला गया .ओर सीधे चोट शेख के सर पर लगी .कुछ ही पल में शेख सदा सदा के लिए खामोश हो गए...
[पूरी पोस्ट]
vinod kumar mishra
19
2
0
2
3
[02 May 2010 10:39 AM]



Shuffle







