हनुमान के जन्म की कथा - उत्तरकाण्ड (4)

संक्षिप्त वाल्मीकि रामायण यह कथा सुनकर श्रीराम हाथ जोड़कर अगस्त्य मुनि से बोले, "ऋषिवर! निःसन्देह वालि और रावण दोनों ही भारी बलवान थे, परन्तु मेरा विचार है कि हनुमान उन दोनों से अधिक बलवान हैं। इनमें शूरवीरता, बल, धैर्य, नीति, सद्‍गुण सभी उनसे अधिक हैं। यदि मुझे ये न मिलते तो भला... [पूरी पोस्ट]
writer जी.के. अवधिया

राम

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[02 May 2010 08:07 AM]

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